हवाला रैकेट मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जासूसी के आरोप में चीनी नागरिक लुओ सांग उर्फ चार्ली पेंग (39) को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब सात साल से चार्ली पेंग के फर्जी नाम से भारत में रह रहा था। आरोपी न केवल भारत में सफलतापूर्वक हवाला रैकेट चला रहा था, बल्कि जासूसी का काम भी कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में पेंग ने बताया है कि उसने भारत में पहली बार कदम साल 2014 में रखा था। उसने यहां दिल्ली में नूडल्स का काम शुरू किया था और बाद में बढ़ते-बढ़ते हवाला रैकेट तक जा पहुंचा। पेंग ने हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में स्थित दलाई लामा की टीम में घुसपैठ करने के कई प्रयास किए थे।
पंजीकृत चीनी कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनियों के जरिए भारत के खुदरा बाजार में प्रवेश करने के लिए 100 करोड़ रुपये लिए। वहीं उसकी बातचीत की निगरानी न हो सके इसलिए उसने अपने साथियों से संवाद स्थापित करने के लिए चीनी एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन 'वी चैट' का इस्तेमाल किया था।
पेंग को पहली बार 2018 में दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने गिरफ्तार किया था। तब उसके पास से दो फर्जी आधार कार्ड और एक जाली भारतीय पासपोर्ट मिला था। उसपर धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि एक साल बाद उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।