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घुसपैठ की चाल नाकाम होते ही चीन तिलमिलाया, अब करने लगा बातचीत की पेशकश

Tue, 01 Sep 2020 10:54 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
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Chinese Foreign Minister Wang Yi
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भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच एक बार फिर चीन ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय जवानों ने नाकामयाब कर दिया। वहीं, सीमा पर तनाव के बीच चीनी विदेश मंत्री वांग यी की प्रतिक्रिया सामने आई है। वांग यी ने कहा है कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को काबू में करने की जरूरत है और उन्हें संघर्ष में बदलना ठीक नहीं है। 

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चीनी विदेश मंत्री ने कहा, बीजिंग हमेशा से विवादित चीन-भारत सीमा के साथ स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चीन भारत से बातचीत करना चाहता है, ताकि नई दिल्ली के साथ चल रहे मतभेदों को हल किया जा सके। वहीं, सीमा पार जारी तनाव के लिए वांग ने भारत को जिम्मेदार ठहराया। 


वांग ने कहा, दोनों देशों को अपनी समस्याओं को उचित मंच पर रखना चाहिए। चीन के विदेश मंत्री सोमवार को पेरिस में प्रतिष्ठित फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, तनाव के दौरान दोनों ही देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे के ऊपर तनाव को युद्ध में बदलने के आरोप लगाए। 
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यह भी पढ़ें: लद्दाख सीमा पर हुई ताजा झड़प के बाद आज होगी भारत चीन ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत

चीनी विदेश मंत्री ने कहा, चीन अच्छे-पड़ोसी और दोस्ती की नीति अपनाता है। हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ दीर्घकालिक स्थिरता और दोस्ती बनाए रखने की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने इस बात की पर जोर दिया कि प्राचीन काल से ही चीन के कई देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं। 

गौरतलब है कि सोमवार को भारत ने कहा कि चीन द्वारा 29/30 अगस्त की रात को पेंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर घुसपैठ की गई, जिसे भारतीय जवानों की मुस्तैदी के चलते नाकाम कर दिया गया। इस दौरान दोनों ही देशों के सैनिक एक-दूसरे के आमने सामने आ गए। चीन की यह कायराना हरकत तनाव कम करने के लिए पांच दौर की बैठक के बाद सामने आई है। 



सीमाओं का नहीं हुआ है सीमांकन, इसलिए हमेशा रहेंगी समस्याएं: चीनी विदेश मंत्री
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भारत-चीन सीमा का अभी सीमांकन किया जाना बाकी है और इसलिए वहां पर हमेशा समस्याएं बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मतभेदों को संघर्ष में तब्दील होने से रोकने के लिए उनके नेतृत्व के बीच बनी सहमति को लागू करना चाहिए।

भारत एवं जापान से चीन के संबंधों से जुड़े एक सवाल पर मंत्री ने पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना की उकसावे की नवीनतम कार्रवाई का सीधा उल्लेख नहीं किया। उनकी यह टिप्पणी भारतीय सेना के इस बयान के घंटों बाद आया जिसमें कहा गया कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में उकसावे की कार्रवाई करते हुए पेंगोंग झील के दक्षिण में एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने की कोशिश की।

वांग ने कहा, चीन-भारत संबंध ने हाल में सभी पक्षों का ध्यान आकर्षित किया है। चीन और भारत की सीमा का अबतक सीमांकन नहीं हुआ है, इसलिए वहां पर इस तरह की समस्याएं हमेशा रहेंगी। हम भारत के साथ सभी मुद्दों को बातचीत से निपटाने को तैयार हैं।

ड्रैगन और हाथी मिलकर काम करेंगे: चीनी विदेश मंत्री
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार मुलाकात की है और कई अहम सहमति पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए, ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय, ड्रैगन और हाथी मिलकर काम करेंगे।

उन्होंने कहा, एक जोड़ एक दो नहीं, बल्कि 11 होते हैं। और ये सब दार्शनिक विचार हैं। वांग ने कहा कि उदाहरण के लिए दोनों देशों के नेताओं ने सहमति जताई कि द्विपक्षीय सहयोग मतभेदों पर पर भारी पड़ते हैं और आपसी हित मतभेदो पर भारी पड़ते हैं।

वांग ने कहा, मतभेदों का प्रबंधन और नियंत्रण किया जाना चाहिए, खासतौर पर मतभेदों को संघर्ष में तब्दील नहीं होने देना चाहिए। मैं मानता हूं कि दोनों देशों के विभिन्न विभागों को इन अहम आम सहमतियों को लागू करना चाहिए।

चीन के सबसे अधिक पड़ोसी: वांग
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन का लंबा इतिहास और दुनिया के किसी अन्य देश के मुकाबले सबसे अधिक पड़ोसी हैं। उन्होंने कहा, आदान-प्रदान का लंबा इतिहास हमेशा एक या दूसरी तरह की समस्याएं छोड़ जाता है। हम इतिहास द्वारा छोड़ी गई समस्याओं पर अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर काम करने और दोस्ताना तरीके से परामर्श कर उनके साथ दोस्ती और साझेदारी स्थापित करने की भावना के साथ सुलझाने को तैयार हैं।

दूसरी तरफ, चीन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उसका कहना है कि उसके सैनिकों ने सीमा पार करने की कोशिश नहीं की। चीन ने कहा कि उसके सैनिकों ने हमेशा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का कड़ाई से पालन किया है। 
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चीन के विदेश मंत्रालय ने लद्दाख की पेंगोंग त्सो झील के किनारे हुई इस झड़प पर अपना बयान जारी कर कहा, चीनी सैनिकों ने हमेशा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का कड़ाई से पालन किया है और कभी भी रेखा को पार नहीं किया है। दोनों देशों की सीमा के सैनिक इस क्षेत्र के मुद्दों पर आपस में बातचीत करते रहे हैं।

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