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लद्दाख सीमा पर तनाव, भारत चीन ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत जारी

Tue, 01 Sep 2020 10:50 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत-चीन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर हुई दोनों देशों की सेनाओं की झड़प को लेकर भारतीय सेना और चीनी सेना चुशुल/मोल्डो में ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता कर रहे हैं। इस वार्ता में सीमा विवाद को घटाने पर चर्चा की जा रही है। भारतीय सेना के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। 

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गौरतलब है कि लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प हुई। बताया गया है कि 29 अगस्त की रात यह झड़प पेंगोंग त्सो झील के पास हुई। सरकार ने इस पर कहा कि हमारे जांबाज जवानों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। वहीं, सूत्रों ने बताया है कि चीन 500 सैनिकों के साथ घुसपैठ करना चाहता था। 


भारतीय सेना के पीआरओ कर्नल अमन आनंद ने कहा, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने 29/30 अगस्त की रात को पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए हुई सैन्य और राजनयिक बातचीत का उल्लंघन किया और यथास्थिति को बदलने के लिए घुसपैठ की। 
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यह भी पढ़ें: पेंगोंग झील के पास पर्याप्त संख्या में पहुंचे थे चीनी सैनिक, लेकिन भारतीय सेना भी पूरी तरह तैयार थी

पीआरओ ने कहा, भारतीय सेना ने पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर पीएलए के जवानों की इस कायराना हरकत को नाकाम कर दिया। सेना के जवानों ने इस इलाके में हमारी स्थिति को मजबूत किया और जमीनी स्थिति को बदलने के चीनी इरादों को ध्वस्त किया।  
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दूसरी तरफ, चीन ने इस तरह के आरोपों पर कहा कि उसके सैनिकों ने सीमा को पार नहीं किया। चीन के विदेश मंत्रालय ने लद्दाख की पेंगोंग त्सो झील के किनारे हुई इस झड़प पर अपना बयान जारी कर कहा, चीनी सैनिकों ने हमेशा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का कड़ाई से पालन किया है और कभी भी रेखा को पार नहीं किया है। दोनों देशों की सीमा के सैनिक इस क्षेत्र के मुद्दों पर आपस में बातचीत करते रहे हैं। 

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