हमने इस विषय पर गंभीरता दिखाई है और हम जांच के लिए संबंधित सरकारी विभागों के साथ सहयोग को तैयार हैं। कंपनी ने कहा कि वह चीन की सरकार द्वारा तय मानकों का पालन करती है। कंपनी ने इन किटों को ब्राजील, पेरू, कोलंबिया और विभिन्न यूरोपीय देशों को आपूर्ति की है। उसने कहा कि जांच किट को 2 और 30 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच में रखा जाना चाहिए और इन्हें फ्रोजेन नहीं करना चाहिए। यदि इन्हें उच्च तापमान पर रखा जाएगा तो परिणाम सटीक नहीं मिलेगा।
वहीं ग्वांझोऊ वोंदफो कंपनी का कहना है कि उसने इन किटो को 70 से अधिक देशों को भेजा है। इन किटों को आईसीएमआर ने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरालॉजी के जरिए मंजूरी दी थी। इन दोनों कंपनियों के बयानों को चीनी दूतावास के एक अधिकारी ने मीडिया में जारी किया।
रैपिड एंटीबॉडी जांच किट में संदिग्ध रोगी के खून के नमूने लिए जाते हैं और सामान्यत: 15 से 30 मिनट में रिपोर्ट आ जाती है। देश के सरकारी अस्पतालों में इस समय पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) जांच किट का इस्तेमाल हो रहा है जिसमें गले और नाक से स्वाब के नमूने लिए जाते हैं और पांच से छह घंटे में परिणाम आता है। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जांच किट की भारी कमी है।