BJP vs Congress: भाजपा ने कांग्रेस की तरफ से लगाए आरोपों पर पलटवार किया है और कहा कि सबसे पुरानी पार्टी ऐसे झूठ बोलकर बच नहीं सकती है। दरअसल, कांग्रेस ने कहा था कि पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जा हुआ है। इस पर भाजपा ने कहा कि यह सब जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान हुआ।
भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे का आरोप लगाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि यह सबसे पुरानी पार्टी ऐसे झूठ बोलकर बच नहीं सकती, क्योंकि यह सब जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान हुआ।
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कांग्रेस के दावे पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लगाए गए आरोप के एक दिन बाद की गई है। जिसमें कांग्रेस की तरफ से दावा किया गया है कि 'चीन भारत की भूमि पर कब्जा करता रहा। नरेंद्र मोदी क्लीन चिट देते रहे।' इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस में इतनी 'बेईमानी' है कि वह भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे की बात कर रही है, जबकि यह सब नेहरू के प्रधानमंत्री रहने के दौरान हुआ था।
कांग्रेस इस तरह के झूठ से बच नहीं सकती- मालवीय
अमित मालवीय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'नेहरू के विश्वासघात के लिए प्रधानमंत्री मोदी को दोषी ठहराने की कल्पना कीजिए।' कांग्रेस इस तरह के झूठ से बच नहीं सकती, भले ही राहुल गांधी कुछ और सोचते हों। अमित मालवीय ने कहा कि 'वास्तविकता' यह है कि हेकांग काउंटी अक्साई चिन का नया नाम है, जिस पर चीन ने 1962 में कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि हेकांग काउंटी का मतलब निकटवर्ती क्षेत्र है।
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अमित मालवीय ने गिनाए चीन के कब्जे वाली जगहों के नाम
अमित मालवीय ने कहा, 'हेकांग काउंटी का महत्व G219 राजमार्ग में निहित है, जिसे चीन ने औपचारिक रूप से 1957 में खोला था। प्रधानमंत्री नेहरू ने 1959 में संसद में इसके निर्माण को स्वीकार किया था।' उन्होंने कहा कि हीआन काउंटी की 'मुख्य विशेषताओं' में हाजी लंगर शामिल है, जिस पर 1959 में चीन ने कब्जा कर लिया था और 1958 में यहां एक भारतीय गश्ती दल को हिरासत में लिया गया था। अमित मालवीय ने आगे कहा, 'किजिल जिल्गा, जिस पर 1962 में चीन ने कब्जा किया, चुंग ताश, जिस पर 1962 में चीन ने कब्जा किया, देहरा कम्पास, जिस पर 1961 में चीन ने कब्जा किया, शामल लुंगपा, जिस पर अक्तूबर 1959 में चीन ने कब्जा किया, यह 1959 में भारतीय गश्ती दल पर हुए हमले की जगह के नजदीक है।'