भारत ने किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए दोतरफा तैयारी की है। सूत्रों ने बताया कि डेपसांग के वाई जंक्शन पर चीनी सेना के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयारी की गई है। इन तैयारियों को देखते हुए चीन फिलहाल पेट्रोलिंग प्लाइंट 10 (पीपी10) और पीपी 13 के बीच गश्त में कोई अड़चन नहीं डाल रहा है। सामरिक लिहाज से डेपसांग काफी अहम है क्योंकि यहां से दौलत बेग ओल्डी, काराकोरम रोड और सियाचिन के रास्ते निकलते हैं।
रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत के प्रति आक्रामक रुख के लिए चीन को दशकों तक भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। विशेषज्ञों ने अमेरिका के साथ चीन के ‘टैरिफ वॉर’ और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर ऑस्ट्रेलिया के साथ बढ़ती तकरार और हांगकांग में तेजी से बिगड़ती स्थिति का भी जिक्र किया। पूर्व उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा, चीन ने बड़ी गलती की है।
चीन ने भारत और अन्य स्थानों पर अपनी साख को खो दिया है। पूर्व उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने कहा कि चीन ने अपनी अस्वीकार्य सैन्य आक्रामकता से खुद को अलग-थलग कर लिया है। इसके लिए उसे भारी कूटनीतिक और आर्थिक कीमत चुकानी होगी।