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चीन बोला: भारत-पाकिस्तान साथ आएं और अच्छे रिश्ते स्थापित करें

Sat, 19 Oct 2019 10:15 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चीनी दूत सून वीडोंग - फोटो : ANI
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 चीन ने भारत और पाकिस्तान से गुजारिश की है कि दोनों दक्षिण एशियाई मुल्कों को एक-दूसरे की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहिए। भारत में चीन के दूत सून वीडोंग ने कहा कि चीन चाहता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच अच्छे रिश्ते हो और दोनों साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करें।

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हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत को लेकर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए चीनी दूत ने कहा कि भारत और चीन दोनों इस क्षेत्र की मुख्य देश हैं, जिनका इस क्षेत्र पर प्रभाव हैं। स्थानीय हालात को लेकर दोनों नेताओं के बीच काफी गहरी बातचीत हुई। 

सून ने कहा कि चीन ने जोर देकर कहा है कि वह पूरी निष्ठा के साथ चीन भारत, चीन पाकिस्तान और भारत और पाकिस्तान के बीच अच्छे रिश्तों का स्थापित करेगा। हम आशा करते है कि इस क्षेत्र के देश आपस में मिलकर विकास और समृद्धि के लिए शांति और स्थिरता स्थापित करने में हाथ मिलाएंगे। 
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पाकिस्तान के खिलाफ एफएटीएफ द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर चीनी दूत ने कहा कि हमनें सभी देशों से आग्रह किया है कि आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को बढ़ाया जाए। 

भारत और चीन के राष्ट्र प्रमुखों के बीच हुई बातचीत और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सुन वीडोंग ने कहा कि भार त और चीन के बीच मुख्य मुद्दों पर रणनीतिक बातचीत होनी चाहिए और दोनों को एक दूसरे के महत्वपूर्ण मुद्दों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसियों को भी धीरे-धीरे आपसी समझ बनानी चाहिए और मतभेदों को खत्म करना चाहिए।

भारत और चीन के बीच व्यापार बातचीत को लेकर चीनी दूत ने कहा कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे के बीच व्यापार असंतुलन के मुद्दे पर बातचीत की थी। भारत और चीन दोनों ने तब सहमति व्यक्त की थी कि दोनों के बीच आर्थिक विकास  एक दूसरे के लिए अच्छे अवसर लाएगा। 

इस साल फरवरी में हुए पुलवामा हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। पुलवामा में हुए हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मौहम्मद आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। जिसके बाद पूरे देश में पाकिस्तान को लेकर नारेबाजी की गई थी।
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वही, हमले के दो दिन बाद ही भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया था। 

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