भारत ने कहा है कि ब्रिक्स में शामिल होने को लेकर कुछ नियम बनने चाहिए, ताकि औपचारिक विस्तार से पहले ऐसा कुछ ना हो। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे चीन की असल मंशा यह है कि ब्रिक्स का ऐसा विस्तार किया जाए कि वह अमेरिका और यूरोपीय संघ के मुकाबले मजबूत दिखाई दे।
चीन की नजर अब ब्रिक्स संगठन पर भी है। इसके जरिये दुनिया में अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है। वह तेजी से इसका विस्तार करने के बारे में सोच रहा है। वहीं, संगठन के दूसरे सदस्य भारत और ब्राजील विस्तार के खिलाफ हैं।
अमेरिका और यूरोपीय संघ के मुकाबले मजबूत
विज्ञापन
भारत ने कहा है कि ब्रिक्स में शामिल होने को लेकर कुछ नियम बनने चाहिए, ताकि औपचारिक विस्तार से पहले ऐसा कुछ ना हो। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे चीन की असल मंशा यह है कि ब्रिक्स का ऐसा विस्तार किया जाए कि वह अमेरिका और यूरोपीय संघ के मुकाबले मजबूत दिखाई दे। चीन की इच्छा है कि इसमें इंडोनेशिया और सऊदी अरब को भी शामिल कर लिया जाए। दुनियाभर में करीब एक दर्जन देश ऐसे हैं, जो इस संगठन का हिस्सा बनना चाहते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले महीने दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स की बैठक होने वाली है। इस बीच चीन ने दूसरे देशों को संगठन में शामिल करने की सिफारिशें की हैं।
भारत के विरोध के बाद बना ड्राफ्ट
दो भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, संगठन के विस्तार पर भारत के विरोध जताने के बाद एक ड्राफ्ट बनाया गया है। इसमें संगठन में नए सदस्यों को जोड़ने से जुड़े नियम बनाए गए हैं।