जैसी संभावना थी वैसा ही हुआ। रिश्तों में खटास संबंधी कयासबाजी पर पूर्ण विराम लगाते हुए भारत के सबसे विश्वस्त दोस्त रूस से दोस्ती की नई नजीर पेश कर दी। सीमा पार आतंकवाद पर भारत का साथ देने के अलावा रूस से 5 एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का उपहार दे कर हवाई खतरा से निपटने के लिए पाकिस्तान ही नहीं चीन से भी बचने का सुरक्षा कवच उपलब्ध करा दिया।
इसकी अहमियत इससे समझी जा सकती है कि यह वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली दुनिया की न सिर्फ आधुनिकतम प्रणाली है, बल्कि भारत का मित्र होने का दावा करने वाले कई देश इस प्रणाली को भारत को सौंपने केमामले में आनाकानी कर रहे थे।
जाहिर तौर पर इसके अलावा भारत में ही 200 कामोव हेलीकॉप्टर बनाने पर बनी सहमति से वायु सेना की सामरिक जरूरतें न सिर्फ पूरी होगी, बल्कि इन समझौतों के अमली जामा पहनने के बाद भारत की रक्षा प्रणाली किसी भी देश का सामना करने में पूरी तरह से सक्षम होगी।