पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मथुरा। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि वह प्रेम बांट रहे हैं। भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। लोग एक-दूसरे का दर्द समझें, इसके लिए करुणा का पाठ पढ़ाते हैं। अगर इन सबसे चीन को खतरा है तो मैं क्या कर सकता हूं। अरुणाचल प्रदेश में सद्भावना का संदेश लेकर जाऊंगा। अगर चीन को डर लग रहा है तो अपने अधिकारी साथ में भेज दे। वह भी देख लेंगे कि मैं लोगों को क्या पढ़ा रहा हूं।
धर्मगुरु सोमवार को महावन स्थित रमणरेती आश्रम पहुंचे। जब उनकी अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर चीन द्वारा की जा रहीं आपत्तियों के संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि अरुणाचल में बड़ी संख्या में बौद्ध रहते हैं। वह उनका सम्मान करते हैं।
धार्मिक उद्देश्य से अरुणाचल जा रहे हैं। सद्भावना का संदेश दूंगा। लेकिन अगर इस यात्रा से चीन को कोई परेशानी है तो वह अपने अफसरों का एक दल उनके साथ भेज सकता है। यह अफसर भी जान लेंगे कि वह क्या पढ़ा रहे हैं। उनका कहना था कि वह भला किसे क्या नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पाक अधिकृत कश्मीर में बढ़ते चीन के दखल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत को अपना रुख साफ करना चाहिए। शांति के लिए कभी प्रयास बंद नहीं करने चाहिए। बौद्ध धर्मगुरु ने यह भी कहा कि भारत को वन इंडिया पालिसी पर काम करना चाहिए।
पूरे विश्व की समस्या बना आतंकवाद
दलाईलामा ने कहा कि आज आतंकवाद पूरे विश्व की समस्या बन गया है। इससे मुकाबला करने को सभी को एकजुट होना होगा। एक मंच पर आकर विरोध दर्ज कराना होगा। इससे विश्व की शांति को बड़ा खतरा भी हो सकता है। परमाणु बम तक लड़ाई पहुंच रही है। इससे मानव को बड़ा खतरा हो सकता है। लिहाजा जल्द ही इस बारे में सभी को विचार करना चाहिए। शांति के लिए सभी मिल कर काम करें।