टैरिफ को हथियार बना दुनियाभर के देशों को धमकी देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बीते दिनों अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में चीन की प्रतिक्रिया सामने आई है। आइए जानते हैं चीन ने इस मामले में क्या कहा?
अमेरिका, टैरिफ और डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों वैश्विक चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इसका बड़ा कारण बीते दिनों अमेरिकी टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार देते हुए रद्द करने का फैसला सुनाया। ऐसे में जब वैश्विक चर्चा तेज हुई तब इस पूरे मामले में चीन ने अपना रुख साफ कर दिया है। चीन की ओर से सोमवार को जारी बयान में बताया गया कि वह अमेरिका की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ लगाने के फैसले के प्रभाव का व्यापक मूल्यांकन कर रहा है।
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बता दें कि अमेरिकी कोर्ट के इस फैसले में ट्रंप प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों अधिनियम (IEEPA) के तहत व्यापारिक भागीदारों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित किया था। ऐसे में चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को नोट किया है और इसके संबंधित सामग्री और निहितार्थ का मूल्यांकन कर रहा है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया से कहा कि एकतरफा टैरिफ वृद्धि किसी के लिए भी फायदे का नहीं है और व्यापार युद्ध से कोई भी जीतता नहीं है।
वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की ओर से लगाए गए एकतरफा टैरिफ और फेंटेनाइल टैरिफ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार नियमों का उल्लंघन करते हैं और अमेरिकी घरेलू कानूनों के भी खिलाफ हैं। उनका कहना था कि चीन अमेरिका से आग्रह करता है कि व्यापारिक भागीदारों पर लगाए गए टैरिफ हटाए जाएं, क्योंकि सहयोग से दोनों पक्षों को फायदा होता है और टकराव से दोनों को नुकसान।
चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं ट्रंप
चीन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चीन यात्रा पर जाने वाले हैं। जहां वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। इस बात को लेकर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला अमेरिका-चीन वार्ता पर असर नहीं डालेगा। उन्होंने बताया कि यह बैठक व्यापार विवाद के लिए नहीं, बल्कि स्थिरता बनाए रखने और चीन से अमेरिकी कृषि उत्पाद, बोइंग विमान और अन्य वस्तुएं खरीदवाने के लिए है।
चीन और अमेरिका के बीच हाल में क्या हुआ?
गौरतलब है कि अंतरिम समझौते के तहत, अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर टैरिफ 30 प्रतिशत तक घटाया है, जबकि चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ कम किया है। चीन के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका वैकल्पिक उपायों, जैसे व्यापार जांच का उपयोग करके अपने टैरिफ बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन इस पर नजर रखेगा और अपने हितों की रक्षा करेगा। कुल मिलाकर, चीन ने अमेरिका के फैसले का गहन अध्ययन शुरू कर दिया है और ट्रंप की यात्रा से पहले स्पष्ट किया है कि व्यापार युद्ध और एकतरफा टैरिफ किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं हैं।