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मुसलमानों पर चीन और सख्त, अरबी और मुस्लिम प्रतीकों को हटाने का दिया आदेश

Thu, 01 Aug 2019 06:32 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • चीन में मुसलमानों की आबादी है दो करोड़
  • शिनजियांग में दंगे के बाद बिगड़े हालात
  • धार्मिक स्वतंत्रता का दावा करता है चीन
  • ईसाईयों के खिलाफ चीन के की कार्रवाई
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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चीन की राजधानी बीजिंग में अधिकारियों ने हलाल रेस्त्रां और फूड स्टॉल्स मालिकों को आदेश दिया है कि वह अपनी दुकानों से अरबी में लिखी पंक्तियां और इस्लाम से संबंधित प्रतीक चिह्न हटा दें। चीन के इस कदम को देश की मुस्लिम जनसंख्या का 'चीनीकरण' करने के लिए प्रसारित किया जा रहा राष्ट्रीय प्रयास बताया जा रहा है। 

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बीजिंग में हलाल उत्पाद बेचने वाले कई रेस्टोरेंट और दुकान मालिकों का कहना है कि अधिकारियों ने उनसे अपने बोर्ड पर इस्लाम से संबंधित तस्वीरें, जैसे आधा चांद और अरबी में लिखे 'हलाल' शब्द को, हटाने के लिए कहा है। 

विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने बीजिंग नूडल शॉप के एक मैनेजर से दुकान के बोर्ड पर लिखे हलाल शब्द को ढकने के लिए कहा और अपने सामने ही ढकवाया।  नाम न बताने की शर्त पर मैनेजर ने कहा, 'उन्होंने (सरकारी कर्मचारी) कहा कि यह विदेशी संस्कृति है और तुम लोगों को चीनी संस्कृति का इस्तेमाल करना चाहिए।' 
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अरबी पंक्तियों और इस्लामी तस्वीरों के खिलाफ चीनी सरकार के इस अभियान ने साल 2016 में चीन द्वारा धर्म को मुख्य धारा की चीनी संस्कृति में ढालने के लिए शुरू किए गए अभियान को अलग राह पर ले जा रहा है। इस अभियान के तहत चीनी शैली पैगोडा के समर्थन में कई मस्जिदों पर मध्य-एशियाई शैली में बनी गुंबदों को हटवाया जा चुका है। 

दो करोड़ की मुस्लिम आबादी वाला चीन आधिकारिक रूप से धर्म की स्वतंत्रता देने का दावा करता है, लेकिन चीन सरकार का यह अभियान कुछ और की कहानी कहता है। 

चीन के इस अभियान के तहत केवल मुसलमानों को लेकर ही कार्रवाई नहीं की जा रही है, ईसाईयों के साथ भी चीन सरकार का यही रवैया है। अधिकारियों ने कई ईसाई चर्चों को बंद करवाया है और सरकार द्वारा अवैध घोषित किए गए कई चर्चों के क्रॉस तोड़ डाले हैं। 

लेकिन, साल 2009 में पश्चिम चीन के शिनजियांग इलाके में उइगर मुसलमानों और बहुसंख्यक 'हान' समुदाय के बीच हुए दंगे के बाद मुसलमान चीन सरकार की आंखों में चढ़ गए। शिनजियांग को अल्पसंख्यक उइगर मुसलमानों का घर कहा जाता है।  

इस दंगे के बाद चीन ने शिनजियांग में 'आतंक के खात्मे' के लिए जो कदम उठाए उन्होंने चीन में मुसलमानों खासकर उइगर मुसलमानों के लिए स्थितियां बेहद खराब कर दीं। हालांकि, पश्चिमी देश और मानवाधिकार संगठन चीन की नीतियों का खूब विरोध कर रहे हैं।

चीन की सरकार का कहना है कि शिनजियांग में उसकी कार्रवाई धार्मिक अतिवाद को खत्म करने के लिए जरूरी है। अधिकारियों ने इस्लामीकरण के बारे में चेतावनी दी है और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर सख्त नियंत्रण बढ़ा दिया है।

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