अमेरिकी राजनयिक द्वारा अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बताने पर चीन भड़क गया है और उसने कहा है कि तीसरा पक्ष इसमें दखल न दे। इस मामले में चीन वाशिंगटन से सफाई मांगने के मूड में है। चीन का कहना है कि भारत चीन विवाद में किसी 'गैर जिम्मेदार' तीसरे पक्ष के दखल से यह मामला उलझ जाएगा।
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार 'हमारे पक्ष ने रिपोर्ट पर गौर किया और अमेरिका से स्पष्टीकरण के लिए कहा जाएगा।' गौरतलब है कि बीती 28 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में मुख्यमंत्री कालिखो पुल से मुलाकात के समय अमेरिकी महावाणिज्यदूत क्रेग ए हाल ने कहा था कि अमेरिकी सरकार का रुख पूरी तरह से साफ है कि अरुणाचल भारत का ही हिस्सा है।
चीनी विदेश मंत्रालय से जब इस बयान के संदर्भ में पूछा गया तो जवाब मिला कि 'चीन और भारत समझदार हैं और मुद्दों को खुद से निपटाने एवं हितों की रक्षा करने में सक्षम हैं।' इस मामले में चीन का भी यह भी कहना है कि अमरेकी पक्ष का बयान तथ्यों से परे हैं।
गौरतलब है कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर आए दिन अपना हक जाहिर करता है और उसे दक्षिणी तिब्बत बताता है।