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Ladakh Row: LAC के पास चीन ने बना ली थी बड़ी सैन्य इमारत, नई सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

Sat, 17 Sep 2022 09:30 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पांच मई, 2020 को पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू हो गया था। तब से भारत-चीन के सैनिकों को पैट्रोलिंग पॉइंट 15 के पास एक दूसरे के विपरीत तैनात किया गया है।
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चीन-भारत के बीच हिंसक झड़प हुई थी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव वाले इलाके गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र में एलएसी के पार अपने कब्जे वाली जगह से चीनी सेना भी तीन किलोमीटर पीछे हट गई है। इस बात का खुलासा मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाई जा रही सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। इन तस्वीरों में डिसइंगेजमेंट से पहले और बाद की स्थिति दिखाई गई है। इन तस्वीरों में यह भी सामने आया है कि चीन ने अपने कब्जे वाले इलाके में एक बड़ी सैन्य इमारत का निर्माण भी कर लिया था। इससे पहले सामने आया था कि दोनों सेनाओं की ओर से सैन्य वापसी की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है और वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी कर ली है। 

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2020 में बढ़ा था गतिरोध 
गौतरलब है कि पांच मई, 2020 को पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू हो गया था। यह झड़प उस वक्त हुई थी जब चीनी सैनिक लद्दाख सेक्टर में भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे थे। इसके बाद दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में धीरे-धीरे भारी हथियारों से लैस हजारों सैनिकों की तैनाती कर दी थी। तब से भारत-चीन के सैनिकों को पैट्रोलिंग पॉइंट 15 के पास एक दूसरे के विपरीत तैनात किया गया है। अब भारत और चीन पैंगोंग त्सो लेक के दोनों किनारों से सैनिकों को हटा भी चुके हैं। 

बड़ी इमारत का निर्माण
 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  इस दौरान चीन ने अपने कब्जे वाली जमीन पर एक बड़ी सैन्य इमारत का निर्माण कर लिया था। नई आई सैटेलाइट तस्वीरों में डिसइंगेजमेंट से पहले की तस्वीर देखने से इसका पता चलता है। तस्वीरों में यह भी दिखता है कि जिस जगह पर चीन ने सैन्य इमारत का निर्माण किया था उसी जगह पर 2020 से पहले भारतीय सेना गश्त करती थी। तस्वीरों के मुताबिक, इस इमारत का निर्माण खाइयों के बीच में पैदल सेना या मोर्टार के लिए किया गया था। वहीं, हाल की तस्वीरों में दिखता है कि अब वहां पर इमारक नहीं है। इन तस्वीरों में किसी भी बफर जोन या नो मैंस लैंड की सीमा को नहीं बल्कि चीनी सैनिकों की स्थिति को केंद्रित किया गया है। 
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आठ सितंबर को शुरू हुई थी सेना वापसी की प्रक्रिया 
भारत और चीन के सैनिकों की पीपी-15 से पीछे हटने की प्रक्रिया आठ सितंबर से शुरू हुई थी। हाल ही में चीन की सेना ने घोषणा की थी कि उसने गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स पेट्रोलिंग पॉइंट 15 से हटना शुरू कर दिया है, जिसके एक दिन बाद नौ सितंबर को विदेश मंत्रालय की ओर से इस बारे में टिप्पणी की गई थी। 

दोनों सेनाओं के स्थानीय कमांडरों ने की बैठक
पूर्वी लद्दाख की गोगरा-हॉस्प्रिंग क्षेत्र में पेट्रोलिंग पॉइंट-15 से अस्थायी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के बाद संयुक्त रूप से वापसी की प्रक्रिया का वेरीफिकेशन किया गया। इस डेवलपमेंट से जुड़े लोगों ने मंगलवार को कहा कि दोनों पक्षों ने चरणबद्ध तरीके से वापसी की प्रक्रिया को पूरा किया।

 

 

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