चीन आजकल भारत के मित्र नेपाल को अपने साथ लाने के लिए प्रलोभन की चाल चल रहा है। इसी के तहत उसने नेपाल में भारी विदेशी निवेश किया है। हालांकि भारत चीन से नेपाल की बढ़ती करीबियों को तो देख रहा है लेकिन चाह कर भी कुछ कर नहीं पा रहा है।
गौरतलब है कि चीन ने नेपाल में विदेशी निवेश के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है। नेपाल सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस वित्त वर्ष के पहले आधे हिस्से में नेपाल में होने वाले कुल एफडीआई में चीन का हिस्सा 68 प्रतिशत रहा। पिछले वित्त वर्ष में चीन ने 40 प्रतिशत का निवेश किया था।
नेपाल के डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्री के अनुसार चीन ने इस वित्त वर्ष के पहले आधे हिस्से में 51 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।