भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में चल रहे सीमा विवाद का हल अभी तक नहीं निकला है और दोनों तरफ की सेनाओं में बातचीत का दौर अभी भी जारी है। लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों तरफ से लगातार सेना की टुकड़ियों में बढ़ोतरी हो रही है।
भारत और चीन के बीच जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक में 4,050 किलोमीटर की लंबी सीमा है, जिन्हें तीन सेक्टर्स में बांटा गया है। पिछले कुछ सालों से सीमा को लेकर दोनों पक्षों में कई बार हालात बिगड़े हैं। चीन की तरफ से पूरे एलएसी पर लगातार सेना और हथियारों में बढ़ोतरी की जा रही है।
वहीं अब इसे देखते हुए भारत ने भी अपने लड़ाकू सैन्य दल को हिमाचल, सिक्किम, लद्दाख, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं की तरफ भेजना शुरू कर दिया है। चीन की तरफ से किसी भी तरह की गड़बड़ी की स्थिति से निपटने के लिए भारत ने भी अपने संख्याबल में इजाफा करना शुरू कर दिया है।
चीन ने पिछले कुछ सालों में भारत से सटे सीमाई इलाकों में निर्माण कार्य को बढ़ाया है और लद्दाख, सिक्किम से लेकर हिमाचल, उत्तराखंड समेत कई इलाकों में भी अपनी चौकियों और हथियारों से भरी गाड़ियों की संख्या में इजाफा किया है।
हालांकि चीन की स्थिति पर नजर रखते हुए भारत ने भी लगातार इन इलाकों में सड़क निर्माण से लेकर महत्वपूर्ण सैन्य हवाई अड्डों का निर्माण किया है और सैनिकों के साथ हथियारों के बेड़े को भी बढ़ाया है।