प्रधानमंत्री मोदी के बलूचिस्तान का मुद्दा उठाने से चीन बेहद परेशान है। दक्षिण एशिया मामलों के एक विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रास्ते बन रहे चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर में भारत की ओर से व्यवधान पैदा किया जाता है तो चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर संयुक्त कदम उठा सकता है।
विशेषज्ञ हू शिशेंग ने कहा, ‘अगर भारत अड़ियल रवैया अपनाता है और चीन या पाकिस्तान को लगता है कि 46 अरब डॉलर के इकोनॉमिक कॉरिडोर को बाधित करने में भारत का हाथ है और यदि हकीकत में ऐसा पाया जाता है तो चीन-भारत और भारत-पाक संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं।’
हू ने आगे कहा कि अगर ऐसा होता है तो चीन और पाकिस्तान के पास संयुक्त जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। ऐसे में चीन-भारत संबंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले कारक के तौर पर पाक फैक्टर फिर सामने आ सकता है, जो तिब्बत, सीमा और व्यापार असंतुलन के मुद्दों से भी बड़ा हो सकता है।