चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले सात महीने से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के लिए जिम्मेदार जनरल झाओ जोंगी को चीनी सेना की ताकतवर पश्चिमी थियेटर कमान की जिम्मेदारी से हटा दिया है। झाओ वही अधिकारी हैं, जिन्हें 2017 में भारत के साथ दोकलम विवाद के पीछे का दिमाग माना जाता है। उन्हें भारत व भूटान के खिलाफ कट्टर माना जाता है। उनके स्थान पर इस कमान की जिम्मेदारी जनरल झांग शूडोंग को सौंपी गई है। नई दिल्ली को उम्मीद है कि झांग भारत के खिलाफ इतने तल्ख नहीं होंगे।
सरकारी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति जिनपिंग ने, जो सेंट्रल मिलिटरी कमीशन के चेयरमैन भी हैं, शुक्रवार को इसकी घोषणा की। पहली बार है जब पश्चिमी थियेटर कमान की जिम्मेदारी एक ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिसे भारतीय सीमा पर काम करने का कोई अनुभव नहीं है। झांग को सबसे बड़ी पश्चिमी कमान, तिब्बत या शिनजियांग में कामकाज का अनुभव नहीं है। उन्होंने अपने करियर का ज्यादातर समय उत्तरी थियेटर कमान में बिताया है। इसके साथ ही वह 2017 से केंद्रीय थियेटर कमान के कमांडर के तौर पर कार्य कर रहे हैं, जिन पर चीन की राजधानी बीजिंग की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। वहीं, 65 वर्षीय झाओ जोंगी को चीनी सेना में प्रभावशाली जनरल माना जाता है और 2016 से पश्चिमी थियेटर कमान के गठन के बाद से वही इसका नेतृत्व कर रहे हैं। जनरल झाओ अगले साल सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
जिनपिंग ने 2016 में बना दी पांच कमान
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने फरवरी 2016 में पश्चिमी थियेटर कमान के गठन के साथ ही सेना में भारी फेरबदल करते हुए सात सैन्य क्षेत्रों को घटाकर पांच कमान में तब्दील कर दिया था। ताकि सेना में बेहतर तालमेल हो सके। पांचों कमान में पश्चिमी थियेटर कमान सबसे बड़ी है।
भारत-चीन कोर कमांडर की 9वें दौर की वार्ता जल्द
पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा से दोनों सेनाओं को पीछे हटाने को लेकर भारत-चीन में कोर कमांडर स्तर की 9वें दौर की वार्ता जल्द होने वाली है। इसे देखते हुए जनरल झांग शूडोंग की नियुक्ति से भारत आशान्वित है। 6 नवंबर को हुई अंतिम वार्ता में दोनों पक्षों में सेना को पीछे हटाने के लिए इसके तौर-तरीकों पर बातचीत हुई थी।