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चीन-पाक को घेरने की सैन्य रणनीति: चार्ज लेते ही उत्तरी व पूर्वी कमान के कमांडरों ने शुरू की बैठक, सेना प्रमुख के साथ सीमा पर हालिया बदलाव की करेंगे समीक्षा

Thu, 03 Feb 2022 09:47 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में पहली बार इस बैठक का हिस्सा हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह समीक्षा बैठक भारत-चीन व भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालिया बदलाव के मद्देनजर आयोजित की जा रही है। 
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भारत-चीन सीमा विवाद - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारतीय सेना की उत्तरी व पूर्वी कमान के नए कमांडर-इन-चीफ चार्ज लेते ही पाक और चीन को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं। दोनों सैन्य अधिकारी सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में सेना के कई शीर्ष अधिकारी भी मौजूद हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह समीक्षा बैठक भारत-चीन व भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालिया बदलाव के मद्देनजर आयोजित की जा रही है। 

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हाल ही में उप सेना प्रमुख का पदभार संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में पहली बार इस बैठक का हिस्सा हैं। वहीं लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी उत्तरी कमान के कमांडर हैं तो लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने भी एक फरवरी को पूर्वी कमान के कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

उपेंद्र द्विवेदी ने लेफ्टिनेंट जनरल वाइके जोशी की जगह ली, जो सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए। वहीं आरपी कलिता ने लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे का स्थान लिया। मनोज पांडे को भारतीय सेना में उप प्रमुख के रूप में तैनाती दी गई है। 
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1984 से सेवाएं दे रहे हैं दोनों अधिकारी
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी 1984 में जम्मू और कश्मीर राइफल्स में शामिल हुए थे। वह सैनिक स्कूल रीवा व राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र भी रहे हैं। वहीं आरपी कलिता को भी 1984 में 9कुमाऊं में कमीशन किया गया था। 

दोनों अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती 
रणनीतिक व सैन्य रूप से महत्वपूर्ण दोनों सैन्य कमानों के मुखियाओं के सिर पर अहम जिम्मेदारी होगी। दरअसल, उपेंद्र द्विवेदी ने ऐसे समय पर उत्तरी कमान का चार्ज लिया है, जब चीन के साथ भारत की 14वें दौर की वार्ता भी विफल रही। ऐसे में वार्ता को सफल बनाना द्विवेदी की अहम जिम्मेदारी होगी। वहीं आरपी कलिता ने भी ऐसे समय पर पदभार संभाला है जब चीनी सेना ने अरुणाचलय प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। वहीं दोनों देश सीमा विवाद सुलझाने के लिए कमांडर स्तर की 15वें दौरे की वार्ता जल्द से जल्द करने के लिए सहमत हो गए हैं। 

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