सर... बताइए आपका पत्रकारिता में आना कैसे हुआ, क्या आप शुरू से ही पत्रकार बनना चाहते थे? जब आप घर से ऑफिस के लिए निकलते हैं तो घरवालों के मन में किसी तरह का डर या असुरक्षा की भावना रहती है...? किसी घटना को कवरेज करते या लिखते समय आपको कैसे कैसे जोखिम का सामना करना पड़ता है...?
मंगलवार को अमर उजाला के डिजिटल न्यूज रूम के पत्रकारों को अचानक ऐसे ही सवालों से रूबरू होना पड़ा। बाल दिवस के अवसर पर अमर उजाला डॉटकॉम के अभिनव अभियान 'सुरक्षित बचपन' के तहत नोएडा के सेक्टर 56 स्थित सरला देवी डीएवी पब्लिक स्कूल के दर्जनों स्टूडेंट्स ने डॉटकॉम के ऑफिस का दौरा किया।
नेहरू के लिखे खतों को पढ़ते बच्चे---
हाथों में माइक थामे स्टूडेंट्स ने जब डिजिटल मीडिया के पत्रकारों से दनदनाते हुए सवाल किए तो हर कोई उनकी समझ और समसामयिक विषयों के प्रति उनकी वृहद्ध जानकारी का कायल हो गया।
चौथी, पांचवी, सातवीं और नौवी कक्षा के दो दर्जन के करीब स्टूडेंट्स मंगलवार को बाल दिवस के अवसर पर अमर उजाला के डिजिटल न्यूज रूम पहुंचे। उनके साथ शिक्षिकाएं श्रीमति छिब्बर, वंदना और नीलम भी मौजूद रहीं।
बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी देतीं डीएवी स्कूल की टीचर्स--