वर्ष 2015 में भारत में 34 हजार से ज्यादा रेप के मामले दर्ज किए गए थे, 2016 में भी महिलाओं के साथ होने वाले बलात्कार के आकंड़े इसी के आसपास ही रहे। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो 18 से 30 साल की उम्र वाली महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले 17000 से अधिक मामले सामने आए जिसमें 33 हजार से अधिक के मामलों में रेपिस्ट जानकार था।
जब किसी बच्ची या महिला के साथ रेप होता है तो दर्द से सिर्फ महिला या बच्ची ही नहीं गुजरती है बल्कि उसका पूरा परिवार उस दर्द को झेलता है। कई बार इस ट्रॉमा से परिवार वालों को मुहल्ले से लेकर गांव-शहर तक छोड़ना पड़ता है।
यही नहीं इंसाफ की चाह में कई बार घरबार तक बिक जाते हैं वहीं घरवालों को इतना कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है कि लगी लगाई नौकरी तक छूट जाती है। ऐसे ही दर्द से जूझ रही रेप पीड़ितों को सशक्त बनाने में जुटी है पावर फाउंडेशन।