गृह मंत्रालय वेबसाइटों और अन्य एप्लीकेशन से चाइल्ड पोर्नोग्राफी को रोकने, दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की तस्वीरों-वीडियो को हटाने के लिए जल्द विस्तृत दिशानिर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेगा।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ये दिशानिर्देश और एसओपी दो हफ्ते के अंदर जारी कर दिए जाएंगे। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के सरकार को इस संदर्भ में दिशानिर्देश और एसओपी तैयार करने के आदेश के बाद उठाया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय महिलाओं के खिलाफ अपराध, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और हिंसा को भड़काने वाली अफवाहों, घृणास्पद संदेशों को रोकने के लिए ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रहा है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकार ने एक तंत्र स्थापित किया है जो सामाजिक तनाव को बढ़ाने के लिए फर्जी खबरें फैलाने या फिर यौन अपराध संबंधी सामग्री के प्रसार में शामिल लोगों की पहचान, उनके नाम का खुलासा करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र से कहा था कि वह ऑनलाइन चाइल्ड पोर्नोग्राफी और दुष्कर्म की तस्वीरों, वीडियो को हटाने के लिए दिशानिर्देश या मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करे। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई फरवरी तक टाल दी थी।