मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया, अब तक असम पुलिस ने राज्य भर में 4,004 मामले दर्ज किए हैं और आने वाले दिनों में और पुलिस कार्रवाई की संभावना है।
बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए असम सरकार ने कमर कस ली है और इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि असम सरकार राज्य में बाल विवाह के खतरे को समाप्त करने के अपने संकल्प पर दृढ़ है।
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मुख्यमंत्री ने बताया, अब तक असम पुलिस ने राज्य भर में 4,004 मामले दर्ज किए हैं और आने वाले दिनों में और पुलिस कार्रवाई की संभावना है। उन्होंने बताया, सभीा मामलों पर कार्रवाई तीन फरवरी से शुरू होगी। इसलिए सभी से सहयोग की अपील है।
असम पुलिस के सभी अधिकारियों की अहम बैठक
इस बीच असम पुलिस के सीपीआरओ ने बताया कि आज हुई बैठक में असम पुलिस के सभी अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान कई फैसले लिए गए। इनमें सभी जिला एसपी कार्यालय और असम पुलिस मुख्यालय यह सुनिश्चित करेंगे कि एक अधिकारी 13 फरवरी से जनता के साथ बातचीत करने के लिए प्रत्येक कार्य दिवस सुबह 11.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक उपलब्ध रहें। सभी जिलों के एसपी यह सुनिश्चित करने के लिए एक प्रणाली स्थापित करेंगे कि उनके अधिकार क्षेत्र में काम करने वाले सभी कर्मियों को आकस्मिकताओं को छोड़कर अनिवार्य रूप से साप्ताहिक अवकाश मिले। हालांकि, यह चार्ज पोस्ट (ओपी और पीएस के आईसी और ओसी सहित) रखने वालों पर लागू नहीं होगा। सभी कर्मियों की नेम प्लेट स्थानीय भाषा या द्विभाषी में होनी चाहिए, ताकि लोगों के साथ बेहतर दृश्यता सुनिश्चित की जा सके। पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मियों को प्रोत्साहित किया।