बता दें कि पिछले दिनों त्रिपुरा में बच्चा चोरी की आशंका में एक ही दिन अलग-अलग स्थानों पर भीड़ ने तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी। ऐसी घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में बच्चा उठाने वाला कोई गिरोह नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि खराब करने की यह माकपा की साजिश है।
इसके अलावा सिपाहीजाला जिले के बिशालगढ़ में भीड़ ने एक अज्ञात महिला की हत्या कर दी। उसके साथ की दूसरी महिला को जख्मी कर दिया। वहीं एक अन्य घटना में यूपी के एक हॉकर जहीर खान कुरैशी को बच्चा चोर समझ कर करीब हजार लोगों की भीड़ ने हत्या कर दी। वहीं घटना में घायल दो अन्य हॉकरों खुशित खान (यूपी) व गुलजार खान (बिहार) और टैक्सी ड्राइवर स्वपन मिया को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक काम के सिलसिले में तीन हॉकर मुराबारी आए थे। उन्होंने बिटरबन से एक वाहन किराये पर लिया और जब उस इलाके में पहुंचे, तो भीड़ बच्चा उठाने वाला समझ कर उन्हें पीटने लगी। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस भी छोड़ा था लेकिन मामला तब शांत हुआ जब अफवाह रोकने के लिए पुलिस को इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ी।
बता दें कि भीड़ उन्हीं लोगों को निशाने पर ले रही है जो प्रवासी हैं। दूसरी भाषा बोलते हैं, दूसरे राज्य के हैं, गरीब हैं उन्हें भीड़ आसानी से अपना शिकार बना रही है। इन अफवाहों से निपटने के लिए अहमदाबाद पुलिस ने जहां भिखारियों को सजग रहने की सलाह दी और कहा कि कोई चोरी करता हुआ पाया गया तो वह उन्हें बताएं। पुलिस तब सजग हुई 26 जून को एक भिखारी महिला को बच्चा चोर समझ कर पीट-पीट कर मार डाला।
वहीं भीड़ को काबू करने के लिए तेलंगाना के एसपी रेमा राजेश्वरी गांव पहुंची और उन्होंने लोगों को न केवल अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी बल्कि गांव के स्तर पर सरपंच को भी लोगों को सलाह दी कि वह किसी तरह के अफवाह पर ध्यान न देने के लिए लोगों को जागरूक करें।
वहीं असम पुलिस ने तो अफवाहों से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर तक जारी कर दी हैं कि किसी भी तरह का अफवाह फैलने पर उन्हें संपर्क करें। पुलिस ने जगह जगह पोस्टर लगाया है कि अनजान और नए लोगों को चोर समझकर मारे नहीं और पुलिस को बताएं।