महाराष्ट्र के ठाणे में एक किशोर की कुत्ते के काटने के कुछ हफ्तों बाद मौत हो गई। अस्पताल का दावा है कि उसे एंटी-रेबीज के टीके लगाए गए थे। इस घटना के बाद स्थानीय विधायक ने सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और दवाओं की कमी का आरोप लगाया है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां भिवंडी इलाके में एक 12 साल के किशोर की आवारा कुत्ते के काटने के कुछ हफ्तों बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय विधायक ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
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क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, 10 जनवरी को भिवंडी में एक कुत्ते ने किशोर को काट लिया था। परिवार उसे तुरंत भिवंडी के सरकारी आईजीएम अस्पताल ले गया। वहां से उसे ठाणे सिविल अस्पताल भेजा गया और फिर वापस आईजीएम अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज किया और परिवार उसे घर ले गया।
डॉक्टरों का क्या है कहना?
अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को एंटी-रेबीज के टीके और टिटनेस के इंजेक्शन लगाए गए थे। हालांकि, कुछ हफ्तों बाद अचानक किशोर की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टर अभी यह साफ नहीं कर पाए हैं कि मौत कुत्ते के काटने से हुई या इसकी कोई और वजह थी।
क्या बोले विधायक?
इस मामले पर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा, आवारा कुत्तों का आतंक और उनसे होने वाली मौतें एक गंभीर समस्या बन गई हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि इलाके के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी है और कर्मचारी काम में लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की बात कही है। इस घटना से स्थानीय लोगों में डर और गुस्से का माहौल है।