फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अरुणाचल: मासूमों को वेश्यावृत्ति में धकेलने वालों पर बाल आयोग सख्त, सरकारी कर्मियों पर कार्रवाई की सिफारिश

Thu, 12 Dec 2024 01:10 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर

सार

अरुणाचल प्रदेश में अगस्त में नाबालिग पीड़िताओं की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई। जांच में सामने आया कि 2019 से 2024 में एफआईआर दर्ज होने तक चार साल से सेक्स रैकेट चल रहा था। इस मामले में नाबालिगों से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें तीन मुख्य आरोपी हैं।
 
विज्ञापन
अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अरुणाचल प्रदेश के बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नाबालिग लड़कियों से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। आयोग ने राज्य सरकार से मामले में शामिल एक पुलिसकर्मी समेत तीन सरकारी कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उनको बर्खास्त करने के लिए कहा है।

विज्ञापन


अरुणाचल प्रदेश में अगस्त में नाबालिग पीड़िताओं की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई। जांच में सामने आया कि 2019 से 2024 में एफआईआर दर्ज होने तक चार साल से सेक्स रैकेट चल रहा था। इस मामले में नाबालिगों से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें तीन मुख्य आरोपी हैं।

बाल आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए चार साल से चल रहे रैकेट और नाबालिगों के यौन शोषण को खतरनाक बताया था। आयोग ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत महिला परिचारिका चाया डुलोम और उसके पति जल संसाधन विभाग में सर्वेक्षक डेविड डुलोम ने बच्चियों को रैकेट में शामिल होने के लिए बहकाया। 
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया कि पीड़िताओं के मुताबिक उनका दिन में कई बार यौन शोषण किया गया। बाल आयोग ने मामले में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने पर चिंता जताई। साथ ही उनकी सेवा समाप्ति की सिफारिश की। इसके साथ ही पीड़िताओं की मदद करने के बजाय उनको आरोपियों की मदद करने के लिए दबाव डालने वाले पुलिस कांस्टेबल हैनू नैहम के खिलाफ भी जांच कराने के लिए कहा। आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। 

ईटानगर के रेस्टोरेंट में 2019 से चल रहा था रैकेट
आयोग ने रिपोर्ट में कहा कि ईटानगर के एक रेस्टोरेंट में 2019 से सेक्स रैकेट चल रहा था। चाया डुलोम और उसका गैंग नाबालिग लड़कियों को रेस्टोरेंट में काम करने के बहाने बुलाता था। इसके बाद उनको ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मजबूर किया जाता और उनका यौन शोषण किया जाता था। पीड़िताओं के साथ दिन में कई बार दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न किया गया। आयोग ने यह भी कहा कि मामला राजधानी में चार साल तक चलता रहा, ऐसे में इसकी सघन जांच कराई जाए। क्योंकि इसमें कई अन्य आरोपी शामिल हो सकते हैं। 

आयोग ने की दोबारा एसआईटी बनाने की सिफारिश
आयोग की अध्यक्ष रत्न अन्या ने कहा कि मामले में पीड़िताओं की संख्या आरोपियों से अधिक है। ऐसे में इसकी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। काफी संभावना है कि मामले में शामिल हाई प्रोफाइल वाले व्यक्ति जांच में हेरफेर करा सकते हैं। इसलिए दोबारा एसआईटी का गठन किया जाए। ताकि केस सही तस्वीर सामने आ सके। आयोग ने पीड़िताओं को अरुणाचल प्रदेश पीड़ित मुआवजा योजना 2011 के तहत समय पर मुआवजा देने के लिए भी कहा है। अध्यक्ष ने कहा कि जांच के दौरान नौ पीड़िताएं बालिग मिलीं। इनकी उम्र 18 वर्ष से ज्यादा थी। ऐसे में इनकी पूरी जानकारी आगे की जांच के लिए राज्य महिला आयोग को भेज दी गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें