राजधानी दिल्ली सहित देश के कई इलाके में बीते कुछ हफ्तों में चिकनगुनिया के मरीज देखने को मिले हैं। इनमें कई की मौत भी हो गई। इस बीच इस बीमारी पर एक्सपर्ट ने नई जानकारी दी है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को एक बार चिकनगुनिया हो चुका है तो उसे जीवन में दोबारा कभी इस बीमारी से सामना नहीं करना पड़ेगा। एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक, चिकनगुनिया वायरस का स्ट्रेन सिंगल होता है। इस वायरस से बीमार व्यक्ति में कुछ दिनों बाद ऐंटीबॉडी बन जाता है। इससे वायरस दोबारा उस पर अटैक नहीं कर पाता है। हालांकि, जिनका इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है, उनमें दोबारा यह बीमारी होने का खतरा बना रहता है।
वहीं डेंगू के सवाल पर उन्होंने कहा कि यही परिस्थितियां डेंगू पर भी लागू होती है। मच्छरों के काटने के बाद चार टाइप के डेंगू होते हैं। मतलब, किसी को एक टाइप का डेंगू एक से ज्यादा बार नहीं हो सकता। लेकिन, दूसरे टाइप का डेंगू होने की संभावना बनी रहती है।