राष्ट्र सेविका समिति के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, शांता अक्का, चारू कालरा और सुनीता।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि देश हो या समाज, इसके विकास के लिए महिलाओं की भूमिका अनिवार्य होती है। उन्होंने कहा कि यह समय बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का है और पूरे समाज की यह कोशिश होनी चाहिए कि एक भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहने पाए। यह समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि बेटियों को हर संभव क्षेत्र में विकास करने का भरपूर अवसर मिले।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगिक संगठन राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका और सबसे पहली संचालिका लक्ष्मीबाई केलकर (मौसी जी) के अवतरण दिवस पर आयोजित समारोह में रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं के सामने चुनौतियां भी अधिक होती हैं, लेकिन ईश्वर ने उन्हें हर चुनौती से जूझते हुए आगे बढ़ने की शक्ति भी दी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी शब्द में ही समाज का कल्याण निहित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श को ध्यान में रखते हुए हर बेटी को आगे बढ़़ाने और शिक्षित करने की कोशिश होनी चाहिए।
राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांता अक्का ने कहा कि लक्ष्मीबाई केलकर के जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें सीखना चाहिए कि गरुड़ रूपी राष्ट्र का विकास महिला और पुरुष दोनों के योगदान से ही संभव हो सकता है। शांता अक्का ने मातृशक्ति की संगठित चेतना को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन व समाज में दिशा देने का कार्य एकमात्र महिला ही अपने नवाचार विचारों से ही कर सकती है जो कि कमजोरी को सुदृढ़ता में परिवर्तित करने का साहस रखती है। उन्होंने विचार दिया कि कोई भी समाज तभी शक्ति भर सकता है जब परस्पर समन्वित, परस्पर स्वावलंबी व परस्पर पूरक होगा। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज एक संकल्पित राष्ट्र है। कार्यक्रम में प्रांत प्रचारिका विजया शर्मा, प्रांत संचालिका प्रो. (डॉ) चारू कालरा, प्रांत कार्यवाहिका सुनीता भाटिया, किरण चोपड़ा एवं अन्य वरिष्ठ सेविकाओं की गरिमामय उपस्थिति रही।