देश आज जब अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है तब असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सब डिस्ट्रिक (उप-जिला) बनाने की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार एक महीने के भीतर ये काम पूरा कर लेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार परिसीमन प्रक्रिया से ठीक पहले खत्म किए गए जिलों के संबंध में दो महीने में फैसला लेगी।
उन्होंने कहा कि हमने परिसीमन को वास्तविकता के रूप में स्वीकार कर लिया है। निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्गठन को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए निकट भविष्य में कई काम किए जाने हैं। इस बाबत राज्य सरकार अगले एक महीने के भीतर प्रशासनिक सुधारों की श्रृंखला शुरू करेगी।
हिमंता ने कहा कि सभी मौजूदा उप-मंडलों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। ऐसे में जिला मुख्यालय को छोड़कर, हम सभी बुनियादी ढांचे के साथ प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक उप-जिला बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रशासनिक सुधार से नये उपमंडलों और जिलों के लिए आंदोलन समेत कई समस्याएं खत्म हो जायेंगी। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से जनता को बड़ी सुविधा हो जाएगी। सरकारी कामों के लिए लोगों को जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा।
गौरतलब है कि असम मंत्रिमंडल ने बीते साल 31 दिसंबर को असम मंत्रिमंडल ने चार जिलों का विलय करने का निर्णय लिया था। इसमें बिस्वनाथ को सोनितपुर में, होजई को नागांव में, तामुलपुर को बक्सा में और बजाली को बारपेटा में मिला दिया गया। ये निर्णय चुनाव आयोग द्वारा परिसीमन प्रक्रिया के तहत राज्य में नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने पर प्रतिबंध लगाने से ठीक एक दिन पहले लिया गया था।
इसके साथ ही सीएम सरमा ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही विभिन्न विभागों में 22,000 लोगों को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके अलावा अब तक 86,000 लोगों को पहले ही काम पर रखा जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की सेवा जल्द ही नियमित की जाएगी और दुर्गम और दूर-दराज के स्थानों में स्थित स्कूलों में संकाय सदस्यों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में अब तक कुल 127 सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन लोगों को सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया अभी जारी है।
उन्होंने कहा कि हम असम से भ्रष्टाचार को खत्म करने की कोशिश करेंगे। इसके लिए एक नई योजना बनाई जा रही है। इसके मुताबिक, अगर किसी को समय पर सरकारी सेवा नहीं मिलती है तो उसे 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारी के वेतन से पैसा काट लिया जाएगा।