100 वर्ष पूरे कर चुके शिल्पकार राम सुतार को इससे पहले पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर ऊंची) के निर्माता हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान "महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार" के लिए दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का डिजाइन तैयार करने वाले प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार को चुना है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में दी। महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार के तहत ₹25 लाख और एक स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा।
विज्ञापन
इस पुरस्कार के लिए 12 मार्च को मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। सीएम फडणवीस ने कहा कि राम सुतार शतायु हो चुके हैं, लेकिन अभी भी मुंबई में इंदु मिल स्मारक परियोजना में आंबेडकर प्रतिमा पर काम कर रहे हैं।
राम सुतार कौन हैं?
100 वर्ष पूरे कर चुके शिल्पकार राम सुतार को इससे पहले पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर ऊंची) के निर्माता हैं। वर्तमान में वे मुंबई के इंदू मिल में बन रही डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा पर कार्य कर रहे हैं। अपने बेटे अनिल के साथ काम करने वाले सुतार कई प्रमुख परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं।
राम सुतार के प्रमुख कार्य
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर, सरदार वल्लभभाई पटेल, गुजरात)
251 मीटर ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा (अयोध्या)
153 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा (बेंगलुरु)
100 फीट ऊंची छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा (मोशी, पुणे)
पिछले साल, महाराष्ट्र सरकार ने सिंधुदुर्ग जिले के मालवन में स्थित राजकोट किले पर 60 फीट ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की नई प्रतिमा बनाने का कार्य भी राम सुतार आर्ट क्रिएशन्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा था। हालांकि बाद में इस 35 फीट ऊंची प्रतिमा के गिर जाने के के बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।