देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर भले ही थमने लगी हो लेकिन जब ये चरम पर थी, तब इसने देश में तबाही मचा दी थी कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लाखों की संख्या में लोग मरे थे। वहींं सुप्रीम कोर्ट के भी 77 वकीलों ने कोविड-19 के आगे अपना दम तोड़ दिया।
इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमण ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पहले दिन की शुरुआत कोविड-19 से जान गंवाने वाले बार के सदस्यों और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा।
रंजना अग्निहोत्री का याचिका खारिज
इसके अलावा कोर्ट का कार्यवाही के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रंजना अग्निहोत्री की याचिका का रद्द कर दिया। चीफ जस्टिस एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आपकी याचिका में जिस मामले पर रोशनी डाली गई है, वो ऐसा मामला नहीं है जिस पर सुप्रीम कोर्ट विचार करें।
बता दें कि रंजना ने हरियाणा के नूंह में हिंदुओं की रक्षा को लेकर एक याचिका दायर की थी। रंजना ने अपनी याचिका में हिंदुओं की रक्षा और जबरन धर्मांतरण की जांच के लिए एसआईटी बनाने की भी मांग की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि हरियाणा के नूंह में तब्लीगी जमात की वजह से मुसलमानों का दबदबा बढ़ा है। यहां हिंदुओं की संख्या 20 फीसदी से घटकर 10 फीसदी पर आ गई है।