एक रिपोर्ट का जवाब देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति ने रविवार को कहा कि उन्होंने राज्य सरकार से किसी भी प्रकार की कोई अनुचित मदद के लिए नहीं कहा था। एके ज्योति ने यह बात उस रिपोर्ट का जवाब देते हुए कही जिसमें कहा गया था कि उनके मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त होने के बाद गुजरात सरकार ने एक साल तक उन्हें अहमदाबाद में एक बंगला इस्तेमाल करने को दिया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त नियुक्त किए जाने के एक साल के बाद मुझे दिल्ली में घर मिला। उन्होंने कहा कि मैंने गुजरात सरकार से कहा था कि वह मुझे अहमदाबाद के घर में रहने दें, क्योंकि मैं दिल्ली के गुजरात भवन में अपनी पत्नी के साथ नहीं रह सकता। इसके लिए मैंने गुजरात सरकार को बंगले का किराया भी भरा है।
उन्होंने बताया कि जब उन्हें भारत सरकार द्वारा मकान दे दिया गया उन्होंने तत्काल ही अक्तूबर 2016 में अहमदाबाद का बंगला खाली कर दिया। ये सभी तथ्य रिकॉर्ड में मौजूद हैं। ज्योति ने कहा कि उन्होंने किसी भी सरकार से कोई मदद नहीं ली है।
पढ़ें: भोली सूरत पर न जाएं जनाब, लिफ्ट लेकर लूटती हैं ये गुजराती छोरियां
गौरतलब है कि न्यूज पोर्टल द वायर ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की गुवाहाटी की पीठ के समक्ष दर्ज दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि ज्योति को गुजरात में कार्य करते हुए सरकार ने उन्हें अहमदाबाद में एक बंगाला दिया था, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त होने के बाद भी उन्होंने वह बंगाला खाली नहीं किया।