आईएनएक्स मीडिया घूसखोरी मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चिदंबरम के सशर्त जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई ने पुनर्विचार याचिका दी है। जांच एजेंसी ने याचिका में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश पर फिर से विचार करें, क्योंकि चिदंबरम ने इस मामले में गवाहों के प्रभावित किया है।
पुनर्विचार याचिका में सीबीआई ने कहा कि पी चिदंबरम के खिलाफ दो गवाहों ने इस बारे में अपना बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया है। ऐसे में चिदंबरम की जमानत रद्द होनी चाहिए। इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री को सीबीआई वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चिदंबरम बिना निचली अदालत की अनुमति के विदेश नहीं जा सकते। उन्हें जांच में सहयोग करना होगा।
जब भी जांच एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाएगी तो उन्हें जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस फैसले का असर चिदंबरम के खिलाफ चल रहे किसी दूसरे मामले पर नहीं पड़ेगा। वहीं, इससे पहले गुरुवार को दिल्ली की विशेष अदालत ने आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम की प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत अवधि 30 अक्तूबर तक बढ़ा दी थी। जमानत नहीं मिलने से अब उन्हें दिवाली तक जेल में ही रहना पड़ेगा।