चिदंबरम ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि अब चुनाव बूथ स्तर पर लड़े जाते हैं और जोर दिया कि पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, एक समय था जब कांग्रेस जवाहरलाल नेहरू या इंदिरा गांधी का सिर्फ नाम लेती थी और लाखों लोग आराम से बूथ पर आकर वोट डाल देते थे।
चिदंबरम ने इसमें आगे जोड़ते हुए कहा, अब बूथवार चुनाव होते हैं, इस कारण हमें हर बूथ पर उपस्थित रहना है... हमारे पास हर बूथ पर पर्याप्त संख्या में लोग होने चाहिए... जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की संख्या अब मायने रखती है।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां उस समय से अलग है, जब भारत में कांग्रेस निर्विरोध राजनीतिक दल था। उन्होंने कहा, आज बहुत सारे राजनीतिक दल अहम रोल निभाते हैं और ज्यादा क्षेत्रीय राजनीतिक दल आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, कभी हमारे दल की उपस्थिति मजबूत होती है और कभी यह उतनी मजबूत नहीं होती। ये परिस्थतियां बदलेंगी।
उन्होंने कहा, यदि कहते हैं कि हम गुजरात में हारे हैं तो इसका मतलब यह नहीं होता कि हम राज्य में उपस्थित नहीं हैं। हम गुजरात में उपस्थित हैं, लेकिन हम नजदीकी से चूक गए। उन्होंने कर्नाटक चुनाव का उदाहरण देकर बताया कि कांग्रेस पहले से मजबूत हो रही है।
चिदंबरम ने कर्नाटक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए शनिवार को प्रोजेक्ट ‘शक्ति’ की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य दल के जमीनी संगठन को मजबूत करना है। इसके लिए 15 अगस्त तक कार्यकर्ताओं को हर बूथ, गांव, ब्लॉक, कस्बे और जिले के स्तर पर दल से जोड़ने की योजना है।
कार्यकर्ताओं को एक मोबाइल नंबर पर अपना वोटर आईडी कार्ड नंबर एसएमएस के जरिए भेजकर खुद को इस प्रोजेक्ट में नामांकित कराना होगा। एक स्थानीय पदाधिकारी ने बताया कि इससे बूथ स्तर के विभिन्न मुद्दों पर कार्यकर्ता स्थानीय नेताओं के साथ जुड़ेंगे और पार्टी मजबूत होगी।