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चिदंबरम का पहले से ही रहा है भगवा परिवार संग छत्तीस का आंकडा

Wed, 17 May 2017 11:55 AM IST
amarujala.com- संजय मिश्र
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पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का भगवा परिवार के साथ छत्तीस का आंकडा पहले से ही चला आ रहा है। भाजपा के नए निजाम में जिन नेताओं की तूती बोल रही है। चिदंबरम के रिश्ते उनसे बेहत्तर नहीं रहे हैं।
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यही वजह है कि केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद गांधी परिवार को छोड कांग्रेस नेताओं में सरकार के निशाने पर सबसे ज्यादा चिदंबरम और उनका परिवार रहा है। वे भगवा परिवार के सियासी निशाने पर वे लंबे समय से हैं। 

भगवा परिवार के निशाने पर चिदंबरम ही क्यों

सूत्र बताते हैं कि संघ परिवार भगवा आतंकवाद के झूठे आरोपों के लिए उन्हें दोषि मानता है। जब चिदंबरम गृहमंत्री थे तो भगवा आतंकवाद के मामले को तूल देते हुए यूपीए सरकार ने संघ के कई शीर्ष अधिकारियों को जेल भेजने की तैयारी कर ली थी। स्वामी असीमानंद का मामला हो या प्रज्ञा ठाकुर का मामला। इन मामलों को भगवा आतंकवा करार देकर यूपीए ने संघ नेताओं पर शिकंजा कस दिया था।
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मोदी के खिलाफ कांग्रेस के अभियान के रणनीतिकार थे चिदंबरम 

केंद्र सरकार में चिदंबरम से शहानुभूति रखने वाले नेताओं में केवल वित्त मंत्री अरूण जेटली का नाम आता है। सूत्र बताते हैं कि पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को चिदंबरम पसंद नहीं हैं।

उनकी नापसंदी के पीछे तर्क दिया जाता है कि मोदी के खिलाफ कांग्रेस की ओर से चलाए गए राजनीतिक खेलों के रणनीतिकार चिदंबरम ही थे। शाह के करीबियों की मानें तो जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो कांग्रेस पार्टी की ओर से तमाम मामलों को लेकर उनके खिलाफ रचे षडयंत्रों का मास्टर माइंड चिदंबरम को ही माना जाता है।

यही नहीं यूपीए के शिकंजे के वजह से कुछ माह के लिए शाह को भी गुजरात से बाहर रहना पडा था। अब चिदंबरम ने भी बेटे के खिलाफ हुई सीबीआई रेड को राजनीतिक से जोडा है। उन्होंने कहा है कि बेटे के जरिए उन्हें घेरा जा रहा है।
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