मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होने हैं ऐसे में पार्टियां अपने उम्दा प्रत्याशी हर सीट पर खड़े करने की कोशिश कर रही है। लेकिन छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों ने पिछले 30 सालों जनता के सामने एक ही चेहरे को परोसा है। 1990 के विधानसभा से लेकर 2013 तक कांग्रेस ने दीपक सक्सेना और भाजपा ने चौधरी चंद्रभान सिंह को ही आमने सामने किया है और इस बार भी दोनों नेताओं की सक्रियता के चलते दावेदारी में दम लग रहा है।
छिंदवाड़ा विधानसभा में कमलनाथ ने 1990 के विधानसभा चुनाव में दीपक सक्सेना पर विश्वास जताया था और भाजपा ने युवा चेहरा चौधरी चंद्रभान सिंह पर, उस समय इस सीट पर बीजेपी ने बाजी मारी और सुंदरलाल पटवा की सरकार में वे सबसे कम उम्र के मंत्री बने। हालांकि 1993 के चुनाव में भाजपा ने यहां से अपना उम्मीदवार बदलकर प्रतुलचंद द्विवेदी को लड़ाया था लेकिन वो हार गए थे लेकिन, कांग्रेस ने अपना चेहरा बरकरार रखा और वैसे ही भाजपा ने भी सिर्फ 1993 को छोड़कर 2013 तक चेहरे में कोई बदलाव नहीं किया है।
इस विधानसभा में बीजेपी से चन्द्रभान और दीपक सक्सेना का 5 बार आमना सामना हुआ है जिसमें से भाजपा के चंद्रभान सिंह 3 बार और कांग्रेस के दीपक सक्सेना दो चुनाव जीते हैं, लगभग 3 दशक से यहीं सिलसिला जारी है। अगर इस बार कांग्रेस फार्मूले के हिसाब से टिकट देती है और भाजपा बदलाव करती है तो जनता को नया चेहरा मिल सकता है।