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Doppler Radar: छत्तीसगढ़ और कर्नाटक को मिले आईएमडी के पहले डॉप्लर रडार, मौसम निगरानी नेटवर्क का होगा विस्तार

Thu, 27 Nov 2025 11:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Doppler Radar: छत्तीसगढ़ के रायपुर और कर्नाटक के मंगलूरू में आईएमडी के पहले डॉप्लर वेदर रडार लगाए गए, जो 250 किमी दायरे में गंभीर मौसम की सटीक निगरानी करेंगे। रायपुर रडार मध्य भारत के कई राज्यों की निगरानी करेगा, जबकि मंगलूरू रडार अरब सागर और दक्षिण-पश्चिम तट के मौसम पर नजर रखेगा।
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डॉप्लर रडार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ और कर्नाटक को बृहस्पतिवार को भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के पहले डॉप्लर वेदर रडार मिले, जिससे देश का गंभीर मौसम निगरानी नेटवर्क मिशन मौसम के तहत और मजबूत हो गया है। रायपुर और मंगलूरू में स्थापित ये दोनों ड्यूल-पोलराइज्ड सी-बैंड रडार 250 किलोमीटर के दायरे में भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली, ओलावृष्टि और अन्य तेज मौसम प्रणालियों की सटीक निगरानी करेंगे।
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रायपुर का रडार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगाया गया है और यह छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, दक्षिण–पश्चिम झारखंड और पूर्वी यूपी के मौसम की उन्नत ट्रैकिंग करेगा। इससे क्षेत्र में लंबे समय से मौजूद डाटा गैप समाप्त होने में मदद मिलेगी। वहीं, मंगलूरू के शक्ति नगर स्थित आईएमडी कार्यालय में लगाया गया रडार अरब सागर, कर्नाटक, केरल, गोवा, दक्षिण कोंकण, उत्तर लक्षद्वीप और दक्षिण महाराष्ट्र के मौसम पर नजर रखेगा।

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2027 तक रडार की संख्या तीन गुना करने का है लक्ष्य
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने दोनों रडारों का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत तैयार इन प्रणालियों से मिशन मौसम की गति और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आईएमडी के रडार नेटवर्क को 47 से बढ़ाकर तीन गुना करने का लक्ष्य 2027 तक है, लेकिन अब तक 126 रडार लगाए जा चुके हैं, जिससे लक्ष्य समय से पहले पूरा होने की उम्मीद है।

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