ईडी की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पार्टी नेताओं के खिलाफ आरोपों को निराधार बताया है। ईडी ने बताया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और पार्टी विधायकों के 91 भूखंड, महंगे वाहन, आभूषण व नकदी सहित कुल 51.40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की गई है।
छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादकों व ट्रांसपोर्टरों से अवैध उगाही के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने कांग्रेस के दो विधायकों और पार्टी कोषाध्यक्ष की 51 करोड़ की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर दी है।
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ईडी की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पार्टी नेताओं के खिलाफ आरोपों को निराधार बताया है। ईडी ने मंगलवार को बताया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और पार्टी विधायकों देवेंदर यादव और चंद्रदेव राय के 91 भूखंड, महंगे वाहन, आभूषण व नकदी सहित कुल 51.40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की गई है। कांग्रेस नेताओं के अलावा आईएएस अधिकारी रानू साहू, कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी, कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह और स्थानीय नेता विनोद तिवारी की संपत्तियों को भी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत कुर्क किया गया है। ईडी के मुताबिक राज्य में वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों के गठजोड़ से प्रत्येक टन कोयले पर 25 रुपये की अवैध वसूली जारी थी।
540 करोड़ की अवैध उगाही
एजेंसी का दावा है कि इस मामले में कुल 540 करोड़ रुपये की अवैध उगाही की गई है। सूर्यकांत तिवारी से जब्त डायरी से उगाही की रकम से खरीदी गई बेनामी संपत्तियों के साथ ही अधिकारियों और नेताओं को दी रिश्वत की रकम का ब्यौरा मिला है। ईडी इस मामले में अब तक सौम्या चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, उनके चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी और आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।