छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को कहा कि भाजपा शासन में उत्तर प्रदेश के लोग भय में रह रहे हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता बघेल ने आगे कहा कि भाजपा तानाशाहों की पार्टी है जहां असंतोष की आवाज को दबा दिया जाता है। बघेल को अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए वरिष्ठ निरीक्षक नियुक्त किया गया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने अपना कोई वादा पूरा नहीं किया और यह धार्मिक टिप्पणियां करके लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार बघेल ने कहा कि कांग्रेस अकेली ऐसी पार्टी है जो उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा से लड़ रही है। दो अन्य विपक्षी दल सपा (समाजवादी पार्टी) और बसपा (बहुजन समाज पार्टी) भाजपा के समर्थन में काम करते हुए प्रतीत होते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम पिछले पिछले चुनावों के परिणामों से कहीं अलग रहेंगे। उन्होने कहा कि ये परिणाम कई चुनावी पंडितों को हैरान कर देंगे।
'किसानों को अब नहीं रह गया मोदी सरकार पर भरोसा'
बघेल ने कहा, यह एक तथ्य है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के शासन में भय का माहौल है। अगर में अपने विचारों को केवल एक वाक्य में कहूं को उत्तर प्रदेश पर तानाशाहों की पार्टी शासन कर रही है, जहां असंतोष की आवाज को दबाने का काम किया जाता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का केंद्र सरकार का फैसला एक राजनीति से प्रेरिकत कदम है और इस देश के किसानों को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में बिल्कुल भरोसा नहीं है।
'कृषि कानून लाने से भाजपा को हुआ नुकसान स्थायी है'
उन्होंने कहा, यह साफ है कि किसानों का मोदी सरकार पर से विश्वास उठ चुका है। अब वह भाजपा पर कतई भरोसा नहीं करते हैं। भाजपा को राजनीतिक नुकसान हुआ है वह स्थाई है। कानूनों को वापस लेने का फैसला भाजपा को किसान हितैषी पार्टी नहीं बना देगा। बघेल ने कहा कि किसानों के इस आंदोलन ने सिद्ध कर दिया है कि हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं, जो भाजपा की समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हित के लिए कांग्रेस लगातार काम करेगी।