तमिलनाडु में छाए गंभीर जल संकट के खिलाफ मुख्य विपक्षी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने राज्य भर में शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डिंडीगुल, सलेम, इरोड, तिरुप्पुर, थुथुकुडी और रामनाथपुरमंतो में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से इस मुद्दे को हल करने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया। सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों के बीच अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) नेता ने चेन्नई में बारिश के लिए यज्ञ कराया।
मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने शुक्रवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए एक आपात बैठक की। प्रेस को संबोधित करते हुए, पलानीस्वामी ने कहा कि सरकार वेल्लोर के जोलारपेट से एक विशेष ट्रेन चलेगी जो करीब एक करोड़ लीटर पानी चेन्नई पहुंचाएगी।
मुख्यमंत्री पलानीसामी ने बताया कि अगले छह महीनों के लिए, सरकार रेल वैगन का उपयोग जोलरपेट्टई से 10 एमएलडी (प्रति दिन लाखों लीटर) पानी लाने के लिए करेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 65 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। वहीं चेन्नई के जलापूर्ति और सीवेज बोर्ड को जल संकट से निपटने के लिए 158.42 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके अलावा तमिलनाडु जलापूर्ति बोर्ड समेत अन्य एजेंसियों ने 108.32 करोड़ रुपये की मदद चेन्नई जल संकट से निपटने के लिए दी है। उन्होंने बताया कि पूंदी, चेम्बरंबक्कम, शोलावरम और रेड हिल्स स्थित जलाशयों के सूखने के बावजूद चेन्नई को पानी की आपूर्ति की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 52.5 करोड़ लीटर पानी चेन्नई को दिया गया। इसके अतिरिक्ति प्रति दिन 800 टैंकर्स प्रभावित क्षेत्रों के करीब 9800 फेरे लगा रहे हैं। इसके अलावा कुड्डालोर जिले के वीरणम झील से भी पानी चेन्नई पहुंचाया जा रहा है।