चुनाव आयोग को रिश्वत देने की कोशिश के आरोप में घिरे अन्नाद्रमुक नेता टीटीवी दिनाकरन ने कहा है कि वह अभी भी पार्टी के मामलों में शामिल हैं और बिना उनकी सहमति के कोई फैसला नहीं होगा।
एक महीने पहले उन्होंने यह घोषित किया था कि वह अन्नाद्रमुक (अम्मा) से खुद को दूर कर रहे हैं। आज उन्होंने कहा है कि वह पार्टी के डिप्टी महासचिव का काम जारी रखेंगे। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही दिल्ली की एक अदालत ने टीटीवी दिनाकरन और उनके सहयोगी को जमानत दी है।
दिनाकरन और उनके साथी मल्लिकार्जुन को दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने 5 लाख के बॉन्ड पर जमानत दे दी है। हालांकि, वे देश छोड़कर न जा पाए, इसलिए कोर्ट ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए है। जिसके बाद उन्होंने चेन्नई एयरपोर्ट पर मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि वह पार्टी के डिप्टी महासचिव के रूप में काम जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि किसी को भी पार्टी के पद से उन्हें हटाने की शक्तियां नहीं मिलीं हैं। आगे दिनाकरनक ने कहा कि उन्हें हटाने का अधिकार सिर्फ उनकी मौसी और पार्टी के महासचिव वी के शशिकला के पास है। आपको बता दें कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने की कोशिश के आरोप में उन्हें दिल्ली पुलिस ने 25 अप्रैल को गिरफ्तार किया था।