विराट कोहली, अनिल कुंबलें और कुलदीप यादव
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टीम इंडिया के नए कोच को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच मामले ने नया तूल पकड़ लिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के पास टीम के कोच की नियुक्ति पर 'वीटो पावर' है या फिर इस मामले में क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का फैसला ही अंतिम व सर्वमान्य होगा। भारतीय टीम में कप्तान का रोल दमदार रहता है, मगर कोच चयन प्रक्रिया में उसका प्रभाव दिख पाना इस बार संभव होता नजर नहीं आ रहा।
बताया जा रहा है कि टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली के पास कोच चुनने की 'वीटो पावर' नहीं है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासन समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने साफ कर दिया है कि सलाहकार समिति अपने विवेक पर फैसला करेगी। बता दें इस समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली हैं। कोच पर अंतिम निर्णय इसी समिति के हाथ में है।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विराट से बात की जा सकती है, मगर वो उनके पास कोच चुनने का अधिकार नहीं है। विराट अंतिम एकादश चुन सकते हैं। हालांकि विराट सीएसी को अपनी पसंद बता सकते है। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि सीओए का कोच नियुक्ति में कोई रोल नहीं होगा। लंदन में सीएसी के सदस्य और टीम के खिलाड़ी एक बैठक करेंगे, जिसमें बोर्ड अधिकारी और सीओए सदस्य भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि विराट इस मुद्दे पर सचिन, सौरव और लक्ष्मण, तीनों से बात कर चुके हैं।