ओडिशा विधानसभा में बुधवार को काफी हंगामा हुआ, भाजपा सदस्यों ने भुवनेश्वर में पार्टी की युवा शाखा की एक रैली पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। सदन की कार्यवाही सुबह 10.30 बजे जैसे ही शुरू हुई, भाजपा विधायकों ने सदन में ही हंगामा करना शुरू कर दिया, खड़े होकर जोर जोर से नारे लगाने लगे।
विधायक इसके बाद घटना पर सरकार से बयान की मांग करते हुए नारेबाजी करते हुए पोस्टर और तख्तियां लेकर सदन के वेल में पहुंचे। हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष बीके अरुखा ने सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हालांकि सदन को स्थगन करने का कोई फायदा नहीं हुआ। जैसे ही साढ़े 11 बजे विधानसभा सत्र चालू हुआ वैसे ही नेताओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
अध्यक्ष को कार्यवाही दो बार 15-15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। गतिरोध दूर करने के लिए स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्रा को स्पीकर ने सदन में इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति दी। मिश्रा ने जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि वर्दी में नहीं आने वाले पुलिसकर्मियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ युवक रैली में आ गए और पुलिस को उकसाया, जिसके बाद लाठी चार्ज किया गया। उन्होंने मामले की गहनता से जांच की मांग की। जयनारायण मिश्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा द्वारा दायर शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया और इसके बदले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
नेता प्रतिपक्ष मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर कहते हैं कि कानून अपना काम करेगा। लेकिन, मैं कहना चाहता हूं कि यहां कानून अपना काम नहीं कर रहा है। बीजद विधायक अरुण साहू ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है। विधानसभा के बाहर, भाजपा के मुख्य सचेतक मोहन मांझी ने आरोप लगाया कि पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सुनियोजित तरीके से पीटा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ बीजद के गुंडे भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने में पुलिस में शामिल हो गए।
भाजपा के युवा कार्यकर्ता मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास की हत्या की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। विधानसभा भवन के सामने महात्मा गांधी मार्ग उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को रोका। पुलिस ने दावा किया कि आंदोलनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पानी की बोतलें, अंडे और पत्थर फेंके।