मुंबई में रेल ब्रिज पर हुई भगदड़ को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और रेलवे की ढांचागत खामियों पर सवाल उठाया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और प्रवक्ता सुष्मिता देव का कहना है कि रेल मंत्री का चेहरा बदलने से रेलवे नहीं बदलेगा।
प्रधानमंत्री को मुंबई के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। ढांचागत कमजोर ब्रिज की जानरकारी होने के बाद भी उसे सुधारा नहीं गया। अब क्या रेल मंत्री पीयूष गोयल का हटाएंगे।
कांग्रेस ने मृतक आश्रितों को दिए जाने वाले पांच लाख रुपए को नाकाफी बताते हुए पचास लाख रुपए की मांग की है। पार्टी का कहना है कि रेलवे में सुरक्षा स्टाफ से जुड़े 1.42 लाख पद खाली पड़े हैं लिहाजा मृतक आश्रित को नौकरी भी दी जाए। पार्टी ने वर्तमान जज से न्यायिक जांच की भी मांग की है।
सुष्मिता देव का कहना है कि ब्रिज लंबे समय से कमजोर था इसकी जानकारी सेंट्रल रेल के डीआरएम को थी। घटना का टाला जा सकता था। रेलवे की ओर से घोर आपराधिक लापरवाही हुई है।
रेल मंत्री को बदलने से नहीं बल्कि रेलवे के ढांचे को दुरुस्त करने और सुरक्षा में बदलाव की आवश्यकता है। रेल मंत्री रेलवे स्टेशन का नामकरण और कई नई योजनाओं की घोषणा करने गए थे लेकिन खुशी का मौका देश के लिए दुख में बदल गया।
उनका कहना है कि त्यौहार में रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ती है जिससे निजात पाने के लिए रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट दस से बढ़ाकर बीस रुपए कर दिया है।
त्यौहारों में भीड़ सिर्फ रेल में नहीं बढ़ती है इसका समाधान खोजना चाहिए था। रेलवे का पहला दायित्व लोगों की सुरक्षा है। सरकार को रेलवे के ढांचे को मजबूती देने और यात्रियों की सुरक्षा पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।