फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लैंडर विक्रम नहीं हुआ क्रैश, ऑर्बिटर के साथ अब भी है संपर्क में: पूर्व इसरो वैज्ञानिक

Sat, 07 Sep 2019 12:23 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू

सार

  • इसरो के पूर्व वैज्ञानिक ने चंद्रयान-2 मिशन के लिए जताई उम्मीद।
  • उन्होंने कहा कि विक्रम लैंडर से संपर्क क्रैश लैंडिंग के कारण नहीं टूटा होगा।
  • लैंडर और ऑर्बिटर के बीच का संपर्क चैनल अब भी चालू है।
  • जो संपर्क डाटा खो गया है उसका विश्लेषण किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक डी ससीकुमार ने कहा है कि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर से संपर्क क्रैश लैंडिंग के कारण नहीं टूटा होगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है, ये क्रैश लैंडिंग नहीं थी क्योंकि लैंडर और ऑर्बिटर के बीच का संपर्क चैनल अब भी चालू है।" 

विज्ञापन


ससीकुमार ने आगे कहा कि जो संपर्क डाटा खो गया है उसका फिलहाल विश्लेषण किया जा रहा है।

बता दें भारत का महत्वाकांक्षी मून मिशन चंद्रयान शुक्रवार देर रात चांद से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर आकर खो गया है। चांद की सतह की ओर बढ़ा लैंडर विक्रम का चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले संपर्क टूट गया। हालांकि उम्मीद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब सारी जिम्मेदारी ऑर्बिटर के ऊपर है।

चंद्रयान-2 के तीन हिस्से थे। पहला ऑर्बिटर, दूसरा लैंडर विक्रम और तीसरा रोवर प्रज्ञान। फिलहाल लैंडर-रोवर से संपर्क भले ही टूट गया है, लेकिन ऑर्बिटर से उम्मीदें अब भी कायम हैं। लैंडर-रोवर को दो सिंतबर को ऑर्बिटर से अलग किया गया था। ऑर्बिटर इस समय चांद से करीब 100 किलोमीटर ऊंची कक्षा में चक्कर लगा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें