अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि इसरो द्वारा भेजे गये पहले चंद्र मिशन 'चंद्रयान-1' ने जो तस्वीरें खींची हैं उनसे लगता है कि चंद्रमा के ध्रुवों पर अब जंग लग रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह माना जाता है कि चांद पर लौहयुक्त चट्टानें हैं लेकिन वहां पानी और ऑक्सीजन की उपस्थिति का पता अभी तक नहीं चल पाया है। जबकि जंग बनने के लिए लोहे का पानी और ऑक्सीजन के संपर्क में आना जरूरी होता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार कहा गया है कि नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के वैज्ञानिको का मानना है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि पृथ्वी का पर्यावरण इसमें योगदान दे रहा है या हो सकता है कि पृथ्वी का पर्यावरण चंद्रमा की सुरक्षा भी कर सकता है। बयान के मुताबिक, चंद्रयान-1 के डेटा और उसके द्वारा खींची गई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि चंद्रमा के ध्रुवों पर पानी है, यही वैज्ञानिक समझने का प्रयास कर रहे हैं।