आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ हमारा अविश्वास प्रस्ताव नैतिकता बनाम बहुमत की लड़ाई थी। उन्होंने टीडीपी के प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए अन्य विपक्षी दलों का धन्यवाद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा में दिए बयान को खारिज करते हुए नायडू ने कहा कि 14वीं वित्त आयोग कह चुका है कि किसी राज्य को विशेष दर्जा देने में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इस मुद्दे पर सरकार को फैसला लेना होता है।
उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने से इनकार करने पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने खुद की तुलना दागी नेता से किए जाने को भी गलत बताया।
पीएम ने अपने भाषण में तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव को नायडू से ज्यादा परिपक्व बताया था। टीडीपी प्रमुख ने कहा कि न तो मोदी और न ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आंध्र और तेलंगाना के बीच समस्याओं को सुलझाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने हमें अपमानित किया।
नायडू ने कहा कि टीडीपी ने 2014 में एनडीए में इस आश्वासन पर शामिल हुए थे कि आंध्र के लोगों को न्याय मिलेगा। हम सत्ता के भूखे नहीं हैं और न ही हमने कभी कैबिनेट में हिस्सेदारी मांगी लेकिन हमारे साथ न्याय नहीं किया गया।
उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियां एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से हटाएंगी और केंद्र में टीडीपी अहम भूमिका निभाएगी।