भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने टीडीपी प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के राजग से अलग होने के फैसले के बाद पहली बार उन पर हमला करते हुए कहा कि यह एकतरफा और दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय राज्य के विकास के बजाय राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। शाह ने नायडू द्वारा केंद्र की आलोचना को असत्य और बेबुनियाद करार दिया है।
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से नाराज होकर राजग से संबंध तोड़ने वाले नायडू को लिखे एक पत्र में शाह ने कहा है कि भाजपा सही मायने में राज्य की हितैषी है। उन्होंने इस संबंध में मोदी सरकार द्वारा राज्य में लागू की गई कई परियोजनाओं का भी हवाला दिया है।
इसके अलावा राज्य को दिए गए फंड का जिक्र करते हुए कहा नायडू के इस आरोप को गलत बताया है कि मोदी सरकार ने राज्य से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। यह जगजाहिर है कि केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
उन्होंने नायडू को याद दिलाया है कि पिछली लोकसभा और राज्यसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं होने के बावजूद भाजपा ने ही एजेंडा तय करते हुए यह सुनिश्चित किया कि दोनों राज्यों के मेहनतकश तेलुगु लोगों के साथ इंसाफ हो। इसके मद्देनजर इसमें दो राय नहीं है कि भाजपा ही राज्य की सच्ची हितैषी है। विशेष राज्य के दर्जे पर उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां इस मुद्दे पर वाद-विवाद के बजाय लोगों की भावनाएं भड़काने का काम कर रही हैं।
राजग से समर्थन वापसी के अलावा टीडीपी ने मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी दिया है। हालांकि नोटिस दिए जाने के बाद से ही सदन में हंगामे की वजह से इस पर विचार नहीं किया जा सका है।