आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को एक बच्ची को गोद लेने की घोषणा की। यह कोई साधारण बच्ची नहीं बल्कि बलात्कार पीड़िता है। उन्होंने कहा है कि वह बच्ची के गार्जियन के तौर पर काम करेंगे और उसकी शिक्षा के सभी खर्च का वहन करेंगे। गुंटूर शहर में सरकारी सहायता से चलने वाले अस्पताल में पीड़िता को बुलाकर नायडू ने कहा कि वह अपने निजी पैसों से तब तक उसे शिक्षा प्रदान करेंगे जब तक उसे अपने जीवन का लक्ष्य नहीं मिल जाता।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि जहां लड़की के माता-पिता अपना फर्ज निभाएंगे वहीं वह इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि उसे बेहतर शिक्षा के साथ ही सभी बुनियादी सुविधाएं मिलें। मैं पहले ही जिला कलेक्टर से गुंटूर में बेस्ट स्कूल की पहचान करने के लिए कह चुका हूं। राज्य सरकार पहले ही पीड़िता के परिवार को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा कर चुकी है। नायडू ने शनिवार को कहा कि बच्ची के नाम पर 5 लाख रुपए फिक्स डिपॉजिट किए जाएंगे। उन्होंने बच्ची के परिवार को खेती के लिए दो एकड़ जमीन, पिता को नौकरी और घर देने का वादा किया।
9 साल की बच्ची का 50 साल के रिक्शा चालक ने बुधवार को गुंटूर जिले के दाचेपल्ली में
बलात्कार किया था। जिसकी वजह से लोगों में रोष है। आरोपी ने बाद में गांव के पास आत्महत्या कर ली थी। बलात्कारियों को सार्वजनिक तौर पर फांसी देने की मांग उठने पर नायडू ने कहा कि उनकी सरकार इस तरह के अपराधियों के लिए सख्त कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलात्कारियों के मन में डर होना चाहिए। उन्हें यह अहसास होना चाहिए कि इस तरह का अपराध करने के बाद धरती पर उनका आखिरी दिन होगा।