भारत समेत कई देशों में लाखों लोग रविवार को पूर्ण चंद्रग्रहण की दुर्लभ खगोलीय घटना के साक्षी बने। रात को आसमान एक अनोखी रंगशाला में बदल गया। साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण रात 9:57 बजे से 1:26 बजे तक रहा। इस दौरान ब्लड मून यानी चंद्रमा सुर्ख लाल दिखा।
वैज्ञानिकों के अनुसार, रात 11:01 से 12:23 बजे तक 82 मिनट पूर्ण चंद्रग्रहण रहा। भारत में दिल्ली से लेकर कर्नाटक तक लाखों लोग इस खगोलीय घटना के साक्षी बने। लोगों ने इस दुर्लभ खगोलीय घटना को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
चंद्रग्रहण देखने के लिए दिखा उत्साह
पूर्णचंद्रग्रहण देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिखा। दिल्ली के नेहरू तारामंडल पहुंची महिला ने कहा, अभी आसमान बादलों से ढका हुआ है। हम चंद्रग्रहण देखने और इसकी विस्तृत प्रक्रिया को देखने के लिए बहुत उत्साहित हैं।
यह एक अच्छा अनुभव था: सहाना
पूर्णचंद्रग्रहण देखने के लिए बंगलूरू के भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान पहुंची सहाना ने कहा, 'यह पूरी तरह से लाल नहीं था, लेकिन मैं हल्के भूरे रंग में चांद देख सकती थी। यह अच्छा था। यह एक अच्छा अनुभव था। मैं ब्लड मून देखने के लिए रात 11 बजे का इंतजार कर रही हूं।'
अगली बार 31 दिसंबर 2028 में होगी यह दुर्लभ घटना: संदीप चक्रवर्ती
कोलकाता स्थित भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी केंद्र के निदेशक संदीप चक्रवर्ती ने कहा, 'आज सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही रेखा पर हैं। यह एक दुर्लभ घटना है जो 31 जनवरी, 2018 को हुई थी और अगली बार यह 31 दिसंबर, 2028 को होगी।'
ब्लड मून सबसे दिलचस्प घटनाओं में से एक: रिया
कोलकाता की रिया भट्टाचार्य चंद्रग्रहण देखने के लिए जादवपुर स्थित पश्चिम बंग विज्ञान मंच पहुंची। रिया ने कहा, 'यह पहली बार है जब मैंने पूर्ण चंद्रग्रहण देखा है। ब्लड मून सबसे दिलचस्प घटनाओं में से एक है, जिसके बारे में मैंने शोध किया है और सुना है। यह लाइव अनुभव बेहद प्रभावशाली है।'
पूर्ण चंद्रग्रहण देखकर मिला नया अनुभव: श्रीजा राव
पूर्णचंद्रग्रहण देखने के लिए जादवपुर स्थित पश्चिम बंग विज्ञान मंच पहुंची श्रीजा राव ने कहा, 'आज हमें एक नया अनुभव मिला और मैंने यह घटना पहली बार देखी है। मैंने इसके बारे में ऑनलाइन शोध किया है।'
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